रायपुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित परीक्षा निरस्त कर दी है। वहीं प्रकरण की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। दूसरी ओर, मामले में तेलीबांधा थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
दो दिन पहले व्हाट्स ऐप के अलावा अन्य माध्यमों से एक विषय के सवाल हुबहू पेपर से मिलने के कारण ये घटना सामने आई थी। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने आनन फानन में प्रबंधन ने परीक्षा रद्द करते हुए पूरे मामले की जांच करवाने का दावा भी किया।
*थाने में दर्ज हुई एफ आई आर*
पुलिस अब पेपर लीक की पूरी कड़ी की जांच में जुटी है। प्रश्नपत्र किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में लीक हुआ, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा लीक हुए प्रश्नपत्र को परीक्षार्थियों तक कैसे पहुंचाया गया, इन तमाम बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस और विश्वविद्यालय स्तर पर जांच आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति परीक्षा में हुई अनियमितता के कारणों की जांच करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता सामने आने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
दिल्ली रवाना होने से पहले *मुख्यमंत्री ने कहा—दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई*
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को नियमित विमान से दिल्ली रवाना हुए। रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा में पेपर लीक के सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है और पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। पूरे मामले की जांच होगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह दिल्ली में आयोजित एक अंग्रेजी दैनिक के वर्ल्ड लीडर फोरम में शामिल होने जा रहे हैं।








