रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने लॉकडाउन के दौरान अवैध शराब की ढुलाई में इस्तेमाल किए गए दो गैस टैंकरों को जब्त किया है। दोनों वाहनों का इस्तेमाल कथित तौर पर एनवी डिस्टलरी से अवैध शराब को गुप्त तरीके से अलग-अलग ठिकानों तक पहुंचाने में किया गया था।
EOW की कार्रवाई में जब्त किए गए वाहनों के नंबर CG04-MF-1274 और CG04-MC-2618 बताए गए हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि इन वाहनों के जरिए कोरोना संक्रमण के चलते लगाए गए लॉकडाउन और प्रतिबंधों के बीच शराब सिंडिकेट ने अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क संचालित किया था।
होटल-बार तक पहुंचाई गई थी अवैध शराब
जांच में यह बात सामने आने का दावा किया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान जब शराब की सामान्य बिक्री और परिवहन पर कड़े प्रतिबंध थे, उसी दौरान सिंडिकेट से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर होटलों और बार तक अवैध शराब पहुंचाने का नेटवर्क चलाया। इस नेटवर्क में वाहनों का इस्तेमाल शराब को छिपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया गया।
EOW अब जब्त किए गए दोनों टैंकरों के साथ उनके संचालन, मालिकाना हक और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन वाहनों के जरिए कितनी मात्रा में शराब का परिवहन किया गया और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी।
अब तक 26 वाहनों पर कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में EOW की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। एजेंसी की ओर से अब तक कुल 26 वाहनों की जब्ती की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। ताजा कार्रवाई को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधित दौर में अवैध शराब की कथित सप्लाई व्यवस्था से जुड़े वाहनों को निशाना बनाया गया है।
शराब घोटाले की जांच में EOW विभिन्न दस्तावेजों, लेन-देन और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। दो गैस टैंकरों की जब्ती के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में इन वाहनों से जुड़े दस्तावेज और पूछताछ से अवैध शराब परिवहन के नेटवर्क को लेकर और अहम जानकारी सामने आ सकती है।








