रायगढ़।रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमबीबीएस के लगभग 100 इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी इंटर्नशिप स्टाइफंड बढ़ाने की मांग को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन आज पूरे छत्तीसगढ़ में सभी एम बी बी एस डॉक्टरों ने एक साथ सांकेतिक रूप से किया।इंटर्न डॉक्टरों ने ड्यूटी के दौरान काली पट्टी बांधकर सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे 24 घंटे मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड दूसरे राज्यों की तुलना में काफी कम है। डॉक्टरों ने सरकार पर मांगों के समाधान में धीमी प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाया और जल्द निर्णय नहीं होने पर आंदोलन तेज करने तथा हड़ताल की चेतावनी भी दी।
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पताल में इमरजेंसी, वार्ड, ओपीडी और विभिन्न विभागों में नियमित रूप से सेवाएं देते हैं। कई बार लगातार 24 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मात्र 15 हजार 900 रुपये का स्टाइपेंड दिया जा रहा है। उनका कहना है कि पड़ोसी और अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को इससे कहीं अधिक मानदेय मिलता है, जबकि कार्य का स्वरूप लगभग समान है।इंटर्न डॉक्टरों ने बताया कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से कई बार सकारात्मक आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में पूरे छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों ने ड्यूटी के दौरान ब्लैक रिबन बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन शुरू किया है।
डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य मरीजों की सेवाएं बाधित करना नहीं है, इसलिए फिलहाल वे काम करते हुए ही विरोध जता रहे हैं। लेकिन यदि जल्द उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।एमबीबीएस
इंटर्न डॉक्टर राधेश्याम ने बताया कि
पूरे छत्तीसगढ़ के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर आज ऑन ड्यूटी रहते हुए ब्लैक रिबन बांधकर सरकार से निवेदन कर रहे हैं। हमें वर्तमान में 15 हजार 900 रुपये का स्टाइपेंड मिलता है, जो अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम है। कई बार हमें आश्वासन दिया गया, लेकिन प्रक्रिया बेहद धीमी है। हमारी मांग है कि जल्द से जल्द स्टाइपेंड बढ़ाया जाए। यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम आगे हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे।
एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर डॉ छवि सिंगोदिया ने बताया कि
हम अस्पताल के हर विभाग में काम करते हैं और कई बार लगातार 24 घंटे तक ड्यूटी निभाते हैं। इसके बावजूद हमें जो स्टाइपेंड मिलता है, वह हमारे कार्य के अनुरूप नहीं है। हम प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी से आग्रह करते हैं कि हमारे आवेदन पर गंभीरता से विचार करें और स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करें। यदि हमारी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो हमें आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ेगा।”
फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों ने मरीजों की सेवाएं प्रभावित किए बिना सांकेतिक विरोध शुरू किया है। अब देखना होगा कि सरकार उनकी मांगों पर कितना जल्द निर्णय लेती है या फिर यह विरोध आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का रूप लेता है।
डॉ. छवि सिंगोदिया, एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर,राधेश्याम,एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर सहित अन्य डॉक्टर शामिल थे।







