35 साल से भूमिगत महिला माओवादी नेता ने किया आत्मसमर्पण, बस्तर के माड़ क्षेत्र में रही थी सक्रिय

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तेलंगाना | निजामाबाद
करीब साढ़े तीन दशक से भूमिगत जीवन जी रही वरिष्ठ महिला माओवादी नेता नक्का सुशीला रानी उर्फ लता ने तेलंगाना के निजामाबाद में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। वह लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के माड़ क्षेत्र में सक्रिय रही और माओवादी संगठन की डिविजनल कमेटी मेंबर (DCM) के रूप में जिम्मेदारी संभालने के साथ एजुकेशन कमिटी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही थी।
पुलिस के अनुसार, नक्का सुशीला रानी तेलंगाना के निजामाबाद जिले के बोधन की मूल निवासी है। उसने हैदराबाद से बीएससी की पढ़ाई की थी। पढ़ाई के दौरान वर्ष 1990 में उसने माओवादी संगठन से जुड़े सुनकारा राममोहन राव से विवाह किया। इसके बाद वर्ष 1992 में दोनों भूमिगत हो गए और माओवादी संगठन में सक्रिय हो गए।
बताया गया है कि बस्तर के माड़ क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के दौरान सुशीला रानी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही थी। बस्तर में लगातार चल रहे एंटी-नक्सल अभियानों के बीच उसने क्षेत्र छोड़ दिया था, लेकिन इसके बाद भी लंबे समय तक भूमिगत रही।
आखिरकार उसने अपने गृह क्षेत्र निजामाबाद लौटकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। पुलिस के मुताबिक, सुशीला रानी पर तेलंगाना में 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस की ओर से उसे 25 हजार रुपये की राहत राशि प्रदान की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसका आत्मसमर्पण लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़े लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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