Khabardoot news desk
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के उदयपुर वन परिक्षेत्र में 14 हाथियों के दल की लगातार आवाजाही ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हाथियों का यह दल केदमा क्षेत्र में पहुंच गया है और आसपास के कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। अब तक करीब 4 हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद होने की सूचना है, जिससे लगभग दो दर्जन किसान प्रभावित हुए हैं।
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने केसमा, सायर, केदमा, डुफाखार, बुले, बसवार और लालपुर समेत आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया है। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए विभाग ने तीन निगरानी टीमें तैनात की हैं।
दल में एक दंतैल हाथी ने बढ़ाई चुनौती
वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि 14 हाथियों के दल में एक दंतैल हाथी भी शामिल है। दंतैल हाथी के कारण संभावित मानव-हाथी संघर्ष का खतरा और बढ़ गया है। वन अमला लगातार हाथियों की लोकेशन पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।
अपील के बावजूद हाथियों का पीछा कर रहे ग्रामीण
वन विभाग की ओर से बार-बार ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनका पीछा नहीं करने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद कुछ ग्रामीण हाथियों को देखने और उनकी गतिविधियों का पीछा करते हुए जंगल और नदी तक पहुंच गए। वन विभाग ने इसे गंभीर जोखिम बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
फसल नुकसान से किसानों में चिंता, लगातार निगरानी जारी
हाथियों की लगातार आवाजाही और धान की फसल को हो रहे नुकसान से ग्रामीणों में भय का माहौल है। किसानों को आशंका है कि यदि हाथियों का दल क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहा तो फसल को और नुकसान हो सकता है।
वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता हाथियों को बिना नुकसान पहुंचाए आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखना और मानव-हाथी संघर्ष की किसी भी स्थिति को रोकना है।








